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KARVAN

Agneehuatong
بواسطة nspudmoore
चल पड़े राह पे

ढूँढते राह को

रात का कारवाँ

ढूंढता सुबह को

कल का यह अरमान

भूली दास्तान

दे रही है तुझको सदा

चल पड़े राह पे

ढूँढते राह को

मंज़िलों के सपने लिए

आह आसु पीछे छोड़ के

दूर से सुनी

सदा यार की

फिर जवान हुई

याद प्यार की

कदमों में पर से लगे

चल पड़े राह पे

ढूँढते राह को

रात का कारवाँ

ढूंढता सुबह को

अरमान हुए फिर जवान

यादों की परछाइयां

सपनों की बातें करने लगे

हल्के से कानों में मेरे

साहिल पे जो लहरें रुके

थम से गये तेरे लिए

चल पड़े राह पे

ढूँढते राह को

रात का कारवाँ

ढूंढता सुबह को

ढूंढता सुबह को

ढूंढता सुबह को

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