तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं
तेरे लिए मेरी इबादतें वही हैं
तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं
(तू शरम कर तेरी आदतें वही हैं)
जिनके लिए हम रोते हैं
हो जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
हम गलियों में भटकते फिरते हैं
वो समंदर किनारों पे होते हैं,
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
पागल हो जाओगे आना कभी ना
गलियों में उनकी जाना कभी ना
जाना कभी ना!
हम ज़िंदा गये क़रीब उनके
अब देखो मारे हुए लौटे हैं
जिनके लिए हम रोते हैं
वो किसी और की बाहों में सोते हैं
ला ला रा रा रा...