मैने तुझको अपना माना
तूने क्यू ना जाने करदिया
यू किनारे पे
मैने तुझको दिल से चाहा
तूने क्यू ना जाने करदिया
दूर सिरहाने से
मैने तुझको अपना माना
तूने क्यू ना जाने करदिया
यू किनारे पे
मैने तुझको दिल से चाहा
तूने क्यू ना जाने करदिया
डोर सिरहाने से
मैने तुझको अपना माना
क्यू तूने करदिया है दूर
कर दिया यु किनारे पे
मैने तुझको दिल से चाहा
तूने क्यू ना जाने करदिया
सरहाने से
क्यों तूने कर दिया है दूर
इतना बता दे
क्यू तू गयी मुझको है भूल
तुझे आती नही याद है
मैं तेरे लिए बस करता हू फरियाद
तुझे भले आती नही याद
मैं आजभी यह देखता हू घड़िया
भले तू ना हो मेरे पास
आजा मेरे पास
मुझको करदे तू माफ़
प्लीज़ सुंले आवाज
मेरे दिल की
देखे काई ख्वाब
पर तू ना जो साथ
मैं क्या करू अब
सारी मेरी ही है ग़लती
गयी थी तुम
और तबसे हो चुके हैं 3-4 साल
थोड़ा सा देखा था
मैं खुदी के अंदर
और दिखी थी मुझे
बोहोट खींच तां हन
मैं देखता हू बातों मैं जाके ना
तो अपनी बातें बचके हन
बाकी भी देखेंगे हासेंगे
फिर भी मैं कहूँगा प्लीज़ आ जा
मैं करता ज़्यादा शेर नही
फिर भी कुछ है बातें कहनी
हन थी यह खाई गहरी
फिर्भी ज़्यादा करी केर नही
मैं देख रहा था खाई के नीचे
और दिखी थी तुम बोहोट खूबसूरत
खड़ी तुम पीछे
पर गिरा मैं जहाँ
वहाँ तुम्हारी बॅस परछाई