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Dariya

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Lyrics
नीचे बंद कमरों में घुटन तो होती है

छत पे आता हूँ तो आसमाँ हो जाता हूँ मैं

कौन किसको बताता है

यहाँ आसमाँ होने की बात?

ख़ुद ही को तो छूना है

और ख़ुद ही के साथों-साथ

कौन किसको बताता है?

शहर की चमक से धोखा तो होता है

ज़मीर पे आता हूँ तो मैं ज़मीं हो जाता हूँ मैं

कौन किसको बताता है

यहाँ ज़मीं होने की बात?

ख़ुद ही को तो चलना है

और ख़ुद ही के साथों-साथ

कौन किसको बताता है?

दिमाग़ से जीने में उलझन तो होती है

दिल पे आता हूँ तो मैं दरिया हो जाता हूँ मैं

कौन किसको बताता है

यहाँ दरिया होने की बात?

ख़ुद ही को तो डुबोना है

और ख़ुद ही के साथों-साथ

कौन किसको बताता है?

Dariya by Ramil Ganjoo - Lyrics & Covers