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Tu hai kahan (Female Reply)

Koushik Mahata/Shuddhi/Aadil Rizvihuatong
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You belong right in this moment

I'm falling fast My heart, you just stole it

Don't bother asking Everything's right with me

ना बढ़ सके जो तुम तो हम भी ठहरे आशिकी में

मैं आखिरी वो पत्ता रह गया जो शाख ही मैं

हान तेरी आस ही मैं देखती थी रात भी मैं

कारवां ये गम फ़रोश दर्द ही था वापसी में

कलम से दर्द कर बयान तुझे बुलाएंगे

हाथ थाम तेरा हाल फिर बताएँगे

फकत के हां तो ऐसा हो तेरा हो जाएं हम

जो तेरे ना हुए खुदा के घर को जायेंगे

जो देख पाते दिल में होता क्या इल्ज़ाम कोई

थक चुकी हैं आंखें जैसा सुखा दरिया कोई

पूछता है मुझसे पूरा मुआशरा ये अब

पूछ ले जो बाकी रह गया सवाल कोई

पर जवाब बोल दूं मैं तुझको तुझसे पहले

कर दो आसमान हवाले जिस्म मेरा अब ये

हूं बेजान मेरी जान घर ये बिन तेरे मशां

सुन ये दर्द की आवाज़ मुझको थाम भी ले

चाल क्या चलूं वो जिसमें तुझको हार दूंगी

तेरे प्यार की कसम मैं सब ये वार दूंगी

तुझे पसंद जो ना हो राब्ता मेरा किसी से

मैं तेरी हो के पूरी जिंदगी गुजार लूंगी

क्या ख्वाब में हाय जान हम तेरे हो सकते हैं

ऐसा हो तो सारी उम्र हम भी सो सकते हैं

दे बता तू मुझको एक ही वजह

मैं उस वजह से जिंदगी ये

अपनी पूरी तन्हा ही गुजार लुंगी

मेरी मोहब्बतों की इंतेहां क्या याद नहीं है

किया क्या कुछ ना तेरे खातिर पर वो बात नहीं है

तू चाहे वेवफ़ा ले मान मेरा रब मेरा ईमान

तुझसे प्यार कितना बस यही हिसाब नहीं है

कितनी रातें नाम थी आंखे तूने तब नहीं देखा

तुझसे मिली जब भी आके मुस्कुरा के तुझको देखा

हसने का जिक्र तो खैर चोरें अब

एक अरसा से ही आँखों ने तुझे नहीं जो देखा

आँखों से सदा तुझको दी है

कहां है तू, यहां क्यों नहीं है

दिल को है जान ना अब तो यहीं

बस तुम चले आओ तू है कहाँ

ख्वाबों के इस शहर में मेरा दिल

तुझसे ढूंढ़ता ढूंढ़ता

अरसा हुआ

तुझ को देख नहीं तू ना जाने कहाँ

छुप गया

छुप गया

Davantage de Koushik Mahata/Shuddhi/Aadil Rizvi

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