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साईं इतना दीजिए जामे कुटुंब समाए

साईं इतना दीजिए जामे कुटुंब समाए

मैं भी भूखा ना रहूँ...

मैं भी भूखा ना रहूँ, साधु ना भूखा जाए

...साधु ना भूखा जाए

माया मरी ना मन मरा, मर-मर गए शरीर

माया मरी ना मन मरा, मर-मर गए शरीर

आशा, तृष्णा ना मरी...

आशा, तृष्णा ना मरी, कह गए दास कबीर

...कह गए दास कबीर

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोय

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया ना कोय

ढाई आखर प्रेम के...

ढाई आखर प्रेम के पढ़े सो पंडित होय

...पढ़े सो पंडित होय

In vain is the eminence

Just like a date tree

No shade for travelers

Fruit is hard to reach

In vain is the eminence

Just like a date tree

No shade for travelers

Fruit is hard to reach

नि-नि-सा, नि-नि-सा, नि-नि-सा, नि-पा-मा, पा-नि-सा

सा-सा, नि-नि, पा-पा, मा-मा, नि-नि, पा-मा, गा-मा-पा

पा-नि-नि, पा-सा-सा, पा-नि-नि, पा-रि-रि, सा-नि-पा

सा-नि, पा-नि, पा-मा, पा-मा, गा-मा, गा-मा, रे-रे-सा

लाली मेरे लाल की जित देखूँ उत लाल

लाली मेरे लाल की जित देखूँ उत लाल

लाली ढूँढन मैं चली...

हो, लाली ढूँढन मैं चली, मैं भी हो गयी लाल

...मैं भी हो गयी लाल

Now I can see

The power is in you

No matter what I say

Just believe it′s all true, yeah

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