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चल, चल, चल, चूमें सपनों के तराने

छन, छन, छन, बाजे फ़िर नए अफ़साने

तुझसे ज़िंदा है, तुझसे ही रोशन है

छम, छम, छम, चमकें बनके हम दीवाने

सखी रे, सखी रे, तू ही तू, तू ही तू

उड़ते चल तू बन पतंग, तेरी ही डोर

जी लें मलंग, जी लें मलंग, झूमेंगे संग

सखी रे, तू ही रे

देख, सखी, तू देख

हर साँस में, आवाज़ में तू है

देख, सखी, तू देख

अब तू ही तू

देख, सखी, तू देख

हर जीत की बुनियाद भी तू है

देख, सखी, तू देख

आवाज़ दूँ

मन अपना क़ाबू करके तू जब छाए, ए-ए

मंज़िल पलकों पे बैठी मुस्कुराए

तुझमें माटी का मतलब फ़िर मिल जाए

तेरी लाली कर जीवन झिलमिलाए

सखी रे, सखी रे, तू ही तू, तू ही तू

उड़ते चल तू बन पतंग, तेरी ही डोर

जी लें मलंग, जी लें मलंग, ढूँढेंगे संग

सखी रे, तू ही रे

देख, सखी, तू देख

हर साँस में, आवाज़ में तू है

देख, सखी, तू देख

अब तू ही तू

देख, सखी, तू देख

हर जीत की बुनियाद भी तू है

देख, सखी, तू देख

आवाज़ दूँ

देख, सखी, तू देख

विश्वास का अंजाम भी तू है

देख, सखी, तू देख

आवाज़ दूँ

देख, सखी, तू देख (ओ)

ममता की महिमा भी तू है

देख, सखी, तू देख (री)

आवाज़ दूँ (सखी)

देख, सखी, तू देख (रे)

देख, सखी, तू देख (सखी)

देख, सखी, तू देख

देख, सखी, तू देख (तू देख)

देख, सखी, तू देख

देख, सखी, तू देख

देख, सखी, तू देख (तू देख)

आवाज़ दूँ

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