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Dekha Ek Khwab (Lofi)

Kishore Kumar/Lata Mangeshkar/Sachin Guptahuatong
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देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए

दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए

देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए

दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए

ये गिला है आप की निगाहों से

फूल भी हो दरमियाँ तो फ़ासले हुए

देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए

दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए

मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी

ये तेरे प्यार की है जादूगरी

तेरी आवाज़ है हवाओं में

प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में

धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए

क्या कहूँ कि शर्म से हैं लब सिले हुए

देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए

फूल भी हो दरमियाँ तो फ़ासले हुए

मेरा दिल है तेरी पनाहों में

आ, छुपा लूँ तुझे मैं बाँहों में

तेरी तस्वीर है निगाहों में

दूर तक रोशनी है राहों में

कल अगर ना रोशनी के काफ़िले हुए

प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए

देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए

दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए

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