विरह से तन ताप तपत है
सदा रंगीने उठत जिया हुक
झन-झन बाजे कैसे मोरे
पिया से मिलन को जाऊँ अब मैं
पायल की झनकार, बैरनिया
पायल की झनकार, बैरनिया
पिया से मिलन को जाऊँ अब मैं
पायल की झनकार, बैरनिया
पायल की झनकार, बैरनिया
विरह से तन ताप तपत है
सदा रंगीले उठत जिया हुक
झन-झन बाजे कैसे मोरे
पिया से मिलन को जाऊँ अब मैं
पायल की झनकार, बैरनिया
पायल की झनकार, बैरनिया
पिया से मिलन को जाऊँ अब मैं
पायल की झनकार, बैरनिया
पायल की झनकार, बैरनिया