कहते हैं, "ख़ुशियाँ सपनों से बुनती है"
कहते हैं, "दुनिया अपनों में मिलती है"
कहते हैं, "ताक़त मुश्किलों से मिलती है"
कहते हैं, "नदियाँ सागर से..."
ख़ुशियाँ ढूँढे हर रोज़ हम उठे
उठते रिश्तों के पीछे फ़िर भागे
ताक़त ढूँढे, हम ही मुश्किलें बने
सागर है दूर, यहाँ नदियाँ सूखे
कहते हैं
कहते हैं
बड़े मुश्किल हैं जीवन के रस्ते
काटे कटे नहीं, बेटा, ज़रा बच के
हौले-हौले, देखो, कहाँ गए सपने
तारे अब दूर लगे, ताक़त लगे घटने
ख़ुशियाँ ढूँढे हर रोज़ हम उठे
उठते रिश्तों के पीछे फ़िर भागे
ताक़त ढूँढे, हम ही मुश्किलें बने
सागर है दूर, यहाँ नदियाँ सूखे
कहते हैं
कहते हैं
नदियाँ, पहाड़, पंछी वैसे तो चुप बैठे हैं
पूछो उनसे, वो ख़ुश हैं क्या?
हम भी अपनी उलझन में उलझे ही बैठे हैं
पूछो हमसे, हम ख़ुश हैं क्या?
कहते हैं, "चाह हो तो राह मिलती है"
कहते हैं, "साज़ हो, आवाज़ मिलती है"
कहते हैं, "नेकी को नीयत परखती है"
कहते हैं, "करने भी तो भरनी पड़ती है"
ख़ुशियाँ ढूँढे हर रोज़ हम उठे
उठते रिश्तों के पीछे फ़िर भागे
ताक़त ढूँढे, हम ही मुश्किलें बने
सागर है दूर, यहाँ नदियाँ सूखे
कहते हैं
कहते हैं