धूपों चला, चला, चला गाँव-गाँव में
कहीं नहीं मिली तेरी जैसी छाँव रे
नापे रस्ते नंगे पाँव से
नदिया टूटी नाव से
कहने को छोटी-सी बात ये पर
मीलों-मील चला, हो
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
खिड़की से छन के पर्दों से, मिलोगे हर सवेरे
कर दे "हाँ", तू कर दे, हो
প্রিয়তমা, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, साँवली तू मेरी सुबह रे
दिन में छुपे रातरानी टहलती वन में जैसे
कुर्ता सफ़ेद डाले निकला हो चाँद जैसे
तेरे चेहरे में देखूँ आसमान रे
जहाँ से देखे मुझे मेरा ख़ुदा रे
तेरे होने से होता सारा संसार मेरा
तेरे खोने से होता दिल समशान मेरा
सुर रे, माई नी माए, आज नहला दे मुझे
पानी में स्याही डाले, साँवला बना दे मुझे
अवगुण सौ हैं पिया, लायक बना दे रे मुझे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
क़ीमत बड़ी-बड़ी है सुहानी रातों की
चस्का लगा है तेरी वो रूहानी बातों का
ओ, लाख, हज़ार देखें, तेरा किरदार ख़रा
रंग भी हज़ार देखें, तेरा तो रंग हरा
तेरी बहारें हैं मेरी बगिया का सपन
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
खिड़की से छनके पर्दों से, मिलोगे हर सवेरे
कर दे "हाँ", तू कर दे, हो
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे
প্রিয়তমা, हो, साँवली तू मेरी सुबह रे