menu-iconlogo
huatong
huatong
ghulam-ali-hum-tere-shahar-me-aaye-hai-cover-image

Hum Tere Shahar Me Aaye Hai

Ghulam Alihuatong
twilove!huatong
Letra
Gravações
हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

सिर्फ़ इक बार मुलाक़ात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

मेरी मंज़िल है कहाँ

मेरा ठिकाना है कहाँ

मेरी मंज़िल है कहाँ

मेरा ठिकाना है कहाँ

सुबह तक तुझसे बिछड़ कर

मुझे जाना है कहाँ

सोचने के लिए इक रात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

अपनी आँखों में छुपा रक्खे हैं

जुगनू मैंने

अपनी आँखों में छुपा रक्खे हैं

जुगनू मैंने

अपनी पलकों पे सजा रक्खे हैं

आँसू मैंने

मेरी आँखों को भी बरसात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

आज की रात मेरा

दर्द-ऐ-मोहब्बत सुन ले

आज की रात मेरा

दर्द-ऐ-मोहब्बत सुन ले

कँप-कँपाते हुए होठों की

शिकायत सुन ले

आज इज़हार-ए-ख़यालात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

भूलना था तो ये इक़रार

किया ही क्यूँ था

भूलना था तो ये इक़रार

किया ही क्यूँ था

बेवफ़ा तुने मुझे प्यार

किया ही क्यूँ था

सिर्फ़ दो चार सवालात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

सिर्फ़ इक बार मुलाक़ात का

मौका दे दे

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

हम तेरे शहर में आए हैं

मुसाफ़िर की तरह

ह म ह म ह म ह म ह म

Mais de Ghulam Ali

Ver todaslogo

Você Pode Gostar