menu-iconlogo
huatong
huatong
amarabha-banerjee-rimjhim-gire-saawan-cover-image

Rimjhim Gire Saawan

Amarabha Banerjeehuatong
snappleapple5huatong
Тексты
Записи
जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे

अरमाँ हमारे पलके न मूंदे

जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे

अरमाँ हमारे पलके न मूंदे

कैसे देखे सपने नयन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

रिमझिम गिरे सावन

रिमझिम गिरे सावन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

महफ़िल मे कैसे कह दे किसी से

दिल बंध रहा है किस अजनबी से

महफ़िल मे कैसे कह दे किसी से

दिल बंध रहा है किस अजनबी से

हाय करे अब क्या जतन, सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम मे, लगी कैसी ये अगन

रिम-झिम गिरे सावन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

हू हू हू

Еще от Amarabha Banerjee

Смотреть всеlogo

Тебе Может Понравиться