जनम जनम जनम
साथ चलना यूँ ही
कसम तुम्हें कसम
आ के मिलना यहीं
एक जां है भले
दो बदन हों जुदा
मेरी हो के हमेशा ही रहना
कभी ना कहना अलविदा
मेरी सुबह हो तुम्हीं
और तुम ही शाम हो
तुम दर्द हो
तुम ही आराम हो
मेरी दुआओं से
आती है बस ये सदा
मेरी हो के हमेशा ही रहना
कभी ना कहना अलविदा
आहा आहा आहा आहा हो हो आहा आहा हो
मेरी हो के हमेशा ही रहना कभी ना कहना अलविदा
आहा आहा आहा आहा हो हो आहा आहा हो
मेरी हो के हमेशा ही रहना कभी ना कहना अलविदा
मेरी सुबह हो तुम्हीं
और तुम ही शाम हो
तुम दर्द हो
तुम ही आराम हो
मेरी दुआओं से
आती है बस ये सदा
मेरी हो के हमेशा ही रहना
कभी ना कहना अलविदा
आहा आहा आहा आहा हो हो आहा आहा हो
मेरी हो के हमेशा ही रहना कभी ना कहना अलविदा
आहा आहा आहा आहा हो हो आहा आहा हो
मेरी हो के हमेशा ही रहना कभी ना कहना अलविदा
तेरी बाहों में है मेरे दोनों जहां
तू रहे जिधर मेरी जन्नत वहीँ
जल रही अगन है जो ये दो तरफ़ा
ना बुझे कभी मेरी मन्नत यहीं
तू मेरी आरज़ू
मैं तेरी आशिकी
तू मेरी शायरी
मैं तेरी मौसिकी