menu-iconlogo
huatong
huatong
Тексты
Записи
सोचे हर-पल, फ़िर क्यूँ बोला नहीं?

रोता छुप कर, पर क्यूँ सहता वहीं?

अधूरे थे जो वो ख़्वाब, बुन लो उनको आज

अधूरे थे जो वो ख़्वाब, बुन लो उनको आज

क्या बोलें

क्या कहें

क्या बोलें

तुमसे ये बात

छोटी सी बात लगे कुछ ख़ास

धीरे, धीरे बह जाए ये ख़्वाब

क्या बोलें

क्या कहें

तुमसे ये बात

ग-म-प-म-ग-रि-स-नि-द-नि-स-रे-ग

स-प-म-प-ग-रे-स-नि-प-नि-स-रे-म-ग

स-रे-नि-स-ग, रे-म, ग-प-रे-रे-स

स-रे-नि-स-ग, रे-म, ग-प-रे-रे-स

बातें बरसों की

कहानी दो दिलों की

रातें बीती, दिन ढले

चाह के कुछ ना कहे

क्या बोलें

क्या कहें

तुमसे ये बात

क्या कहें

Еще от Bawari Basanti/Ejaz Hussain/Abhishek Lal

Смотреть всеlogo