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Baarish Mein Phir

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तेरे शहर का मौसम उतरा है ज़मीं पे

नर्म-सी हवाएँ, बह रही हैं कब से

ठहरो ना पलकों पे, यादों-सी तुम

भीगे इन लम्हों में, सिमटी-सी तुम

ठहरी जो पलकों पे, ख़्वाहिश हो तुम

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

छू लो ना तुम, बरसो ना तुम

बारिश में फिर जले ना, जले ना

नि-सा, नि-सा-रे-नि-सा

पा-मा-पा-गा-मा-रे-सा

नि-सा, नि-सा-रे-नि-सा

नि-सा-गा, नि-सा-नि-पा-नि-सा

नि-सा-गा-मा-पा, पा-मा-गा-पा-नि-सा

नि-पा-सा-नि-गा-रे-धा, नि-धा-पा-मा-गा-रे-सा

धा-नि-सा, धा-नि-सा

धा-नि-सा

जाने ना दिल मेरा, क्या चाहे

ये राहें तेरी तकदा जाए

ओ, तेरे बिन सावन तड़पाए, हाए

लबों पे देखो, प्यासे नग़मे

पहली ही बारिश में आए

ओ, तेरे बिन सावन तरसाए, हाए

ठहरो ना पलकों पे, बूँदों-सी तुम

बूँदों की आदत है, बहको ना तुम

ठहरी जो पलकों पे, ख़्वाहिश हो तुम

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

छू लो ना तुम, बरसो ना तुम

बारिश में फिर जले ना, जले ना

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

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