menu-iconlogo
huatong
huatong
Тексты
Записи
सूखी ज़मीं है, दे-दे ज़मीं को

एक बूँद बारिश, ख़ुदा

सीने की तह में रख दे छुपा के

जीने की ख़्वाहिश, ख़ुदा

थोड़ा सा है, थोड़ा नहीं

पूरा मिले, हो ऐसा कभी

ऐसा कभी, हो ऐसा कभी

सूखी ज़मीं है, दे-दे ज़मीं को

एक बूँद बारिश, ख़ुदा

सीने की तह में रख दे छुपा के

जीने की ख़्वाहिश, ख़ुदा

बे-रंग शामें, धुँधला सवेरा

दिन में है सूरज बुझा

रातों से नींदें, नींदों से आँखें

आँखों से सपने जुदा

बरसों से चलता है इक रास्ता

मिलती क्यूँ मंज़िल नहीं?

हम भी हैं तन्हा, दिल भी है तन्हा

महफ़िल भी महफ़िल नहीं

थोड़ा सा है, थोड़ा नहीं

पूरा मिले, हो ऐसा कभी

ऐसा कभी, हो ऐसा कभी

सूखी ज़मीं है, दे-दे ज़मीं को

एक बूँद बारिश, ख़ुदा

सीने की तह में रख दे छुपा के

जीने की ख़्वाहिश, ख़ुदा

सीने में धड़कन, दिल में मोहब्बत

आँखों में बादल नहीं

तस्वीर सारी आधी-अधूरी

होती मुकम्मल नहीं

शहर-ए-वफ़ा में ना दोस्ती है

ना दोस्तों का निशाँ

क़िस्मत में लिख दे दुश्मन ही कोई

मैं जिसको दे दूँ ये जा़ँ

थोड़ा सा है, थोड़ा नहीं

पूरा मिले, हो ऐसा कभी

ऐसा कभी, हो ऐसा कभी

सूखी ज़मीं है, दे-दे ज़मीं को

एक बूँद बारिश, ख़ुदा

सीने की तह में रख दे छुपा के

जीने की ख़्वाहिश, ख़ुदा

Еще от Yasser Desai/Harish Sagane/shakeel azmi

Смотреть всеlogo

Тебе Может Понравиться