ये बादलों मे जो छिपा
ये तू है क्या बता मुझे
ये सोंधी सी हवाओं मे
तू बहे लगा मुझे
गुरुुर् क्यू इस चाँद को
जब बिन तेरे ना चाँदनी
सुकून मिले जब तू दिखे
मेरे लिए तू लाज़मी
कैसे ना हुए तुझे खबर
कैसे ना पता लगा दिलबर
जो हसेंगे लगे बिना वजह
ये तेरा हे तो असर
अधूरा ये समा तेरे बिना
पूरा सा लगे जो तू इधर
तो कैसे ना हुए तुझे खबर
की होने लगे तेरे दिलबर
अंगार से जो रास्ते वो फूल से बन गये
तेरे आने से क्यू गम सभी है भूल से हम गये
अंगार से जो रास्ते वो फूल से बन गये
तेरे आने से क्यू गम सभी है भूल से हम गये
चलते रहे यूँ ही सफ़र
मिलते रहे तुमसे नज़र
है सिलसिला ये प्यार का
कैसे रहे हम बेख़बर
कैसे ना हुए तुझे खबर
कैसे ना पता लगा दिलबर
जो हँसने लगे बिना वजह
ये तेरा हे तो असर
अधूरा ये समा तेरे बिना
पूरा सा लगे जो तू इधर
तो कैसे ना हुए तुझे खबर
की होने लगे तेरे दिलभर
की होने लगे तेरे दिलभर
की होने लगे तेरे दिलभर