menu-iconlogo
huatong
huatong
by-girish-pilibhit-dil-to-baccha-hai-ji-cover-image

Dil to baccha hai ji

By girish pilibhithuatong
girishlodhi123rajpoohuatong
เนื้อเพลง
บันทึก
ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं

दाँत से रेशमी डोर कटती नहीं

उम्र कब की बरस के सुफेद हो गयी

कारी बदरी जवानी की छटती नहीं

वल्ला ये धड़कन बढ़ने लगी है

चेहरे की रंगत उड़ने लगी है

डर लगता है तनहा सोने में जी

दिल तो बच्चा है जी, थोडा कच्चा है जी

किसको पता था पहलू में रखा

दिल ऐसा पाजी भी होगा

हम तो हमेशा समझते थे कोई

हम जैसा हाजी ही होगा

हाय ज़ोर करें, कितना शोर करें

बेवजह बातों पे ऐवे गौर करें

दिलसा कोई कमीना नहीं

कोई तो रोके, कोई तो टोके

इस उम्र में अब खाओगे धोखे

डर लगता है इश्क़ करने में जी

ऐसी उदासी बैठी है दिल पे

हँसने से घबरा रहे हैं

सारी जवानी कतरा के काटी

पीडी में टकरा गये हैं

दिल धड़कता है तो ऐसे लगता है वो

आ रहा है यहीं देखता ही ना हो

प्रेम की मारें कतार रे

तौबह ये लम्हे कटते नहीं क्यों

आँखें से मेरी हटते नहीं क्यों

डर लगता है मुझसे कहने में जी

เพิ่มเติมจาก By girish pilibhit

ดูทั้งหมดlogo

อาจถูกใจคุณ