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Rimjhim Gire Saawan

Amarabha Banerjeehuatong
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歌词
作品
जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे

अरमाँ हमारे पलके न मूंदे

जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे

अरमाँ हमारे पलके न मूंदे

कैसे देखे सपने नयन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

रिमझिम गिरे सावन

रिमझिम गिरे सावन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

महफ़िल मे कैसे कह दे किसी से

दिल बंध रहा है किस अजनबी से

महफ़िल मे कैसे कह दे किसी से

दिल बंध रहा है किस अजनबी से

हाय करे अब क्या जतन, सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम मे, लगी कैसी ये अगन

रिम-झिम गिरे सावन

सुलग सुलग जाए मन

भीगे आज इस मौसम में

लगी कैसी ये अगन

हू हू हू

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