ज़िंदगी को बिना प्यार कोई कैसे गुज़ारे?
महबूब की आँखों में बड़ी बात है, प्यारे
ज़िंदगी को बिना प्यार कोई कैसे गुज़ारे?
महबूब की आँखों में बड़ी बात है, प्यारे
आते हैं ज़मीं पर कभी ये चाँद-सितारे?
आते हैं ज़मीं पर कभी ये चाँद-सितारे?
महबूब की आँखों में बड़ी बात है, प्यारे
ज़िंदगी को बिना प्यार कोई कैसे गुज़ारे?