मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा…
मैं ना भूलूँगी
इन रस्मों को इन क़समों
को इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
इन रस्मों को इन क़समों
को इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
हो........
हो........ओ....ओ....ओ...…
चलो जग को भूलें
हो चलो जग को भूलें
खया....लों.... में....
झूलें………….
बहारों में डोलें
बहारों में डोलें....
सिता...रों... को.......छूलें......
आ तेरी मैं माँग संवारूँ
तू दुल्हन बन जा......
माँग से जो दुल्हन का
रिश्ता मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना.... भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
समय की धारा में
हो समय की धारा में
उमर.... बह.. जा....नी
है.............
जो घड़ी जी लेंगे
जो घड़ी जी लेंगे
वोही रह जानी है
मैं बन जाऊँ साँस आखिरी तू जीवन बन जा
जीवन से साँसों का रिश्ता मैं ना भूलूँगी…
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
हो..... हो.......हो........
बरसता सावन.. हो
महकता आँगन.. हो
कभी दिल दूल्हा हो
कभी दिल दुल्हन हो
गगन बनकर झूमें
पवन बनकर घूमें में
चलो राहें मोड़ें,
कभी ना संग छोड़ें
कहीं पे छुप जाना है,
नज़र नहीं आना है
कहीं पे बस जाएंगे
ये दिन कट जाएंगे
अरे क्या बात चली
वो देखो रात ढली
ये बातें चलती रहें
ये रातें ढलती रहें
मैं मन को मंदिर कर डालूँ तू पूजन बन जा
मंदिर से पूजा का रिश्ता मैं ना…भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
इन रस्मों को इन क़समों
को इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी
मैं ना भूलूँगा
मैं ना भूलूँगी