menu-iconlogo
huatong
huatong
saahel-baarish-mein-phir-cover-image

Baarish Mein Phir

Saahelhuatong
porter91huatong
歌词
作品
तेरे शहर का मौसम उतरा है ज़मीं पे

नर्म-सी हवाएँ, बह रही हैं कब से

ठहरो ना पलकों पे, यादों-सी तुम

भीगे इन लम्हों में, सिमटी-सी तुम

ठहरी जो पलकों पे, ख़्वाहिश हो तुम

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

छू लो ना तुम, बरसो ना तुम

बारिश में फिर जले ना, जले ना

नि-सा, नि-सा-रे-नि-सा

पा-मा-पा-गा-मा-रे-सा

नि-सा, नि-सा-रे-नि-सा

नि-सा-गा, नि-सा-नि-पा-नि-सा

नि-सा-गा-मा-पा, पा-मा-गा-पा-नि-सा

नि-पा-सा-नि-गा-रे-धा, नि-धा-पा-मा-गा-रे-सा

धा-नि-सा, धा-नि-सा

धा-नि-सा

जाने ना दिल मेरा, क्या चाहे

ये राहें तेरी तकदा जाए

ओ, तेरे बिन सावन तड़पाए, हाए

लबों पे देखो, प्यासे नग़मे

पहली ही बारिश में आए

ओ, तेरे बिन सावन तरसाए, हाए

ठहरो ना पलकों पे, बूँदों-सी तुम

बूँदों की आदत है, बहको ना तुम

ठहरी जो पलकों पे, ख़्वाहिश हो तुम

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

छू लो ना तुम, बरसो ना तुम

बारिश में फिर जले ना, जले ना

कह दो ना तुम, आँखों से तुम

साँसें ये क्यूँ चले ना, चले ना

更多Saahel热歌

查看全部logo

猜你喜欢