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Raat Suhani Jaag Rahi Hain

Mohammed Rafi/Suman Kalyanpurhuatong
novcharmhuatong
歌詞
作品
ओ ...... हो.......

ओ ओ .......

रात सुहानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

हो..धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

प्रेम कहानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

हो..धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

चल रहे है जादू थम गया ज़माना

दिल चुरा रहा है ये समा सुहाना

पालकी चमन मे फूलो की उतार के

ये बहार गा रही है गीत प्यार के ओओओओ

हो..और जवानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

हो.धीरेधीरे चुपके चुपके चोरी चोरी चोरीहो

चांद कर रहा है यूँ हमें इशारे

ये हमारे नयना बन गए है तारे

नींद ने न आने की उठाई है क़सम

नींद कैसे आये मन के द्वार पे सनम ओहोओओओ

हो..प्रीत दीवानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

हो धीरे धीरे चुपके चुपकेचोरी चोरीचोरी हो

नाम इस जहां का चांदनी से पूछो

आ गए कहाँ हम ये किसी से पूछो

ये ज़मीन लग रही है आसमान सी

दिल की धड़कनो मे पड गयी है जानसी ओओओओ

हो..जिंदगानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

ओ धीरे धीरे चुपके चुपकेचोरी चोरी चोरी हो

रात सुहानी जाग रही है

धीरे धीरे चुपके चुपके चोरी चोरी हो

ओ धीरे धीरे चुपकेचुपके चोरी चोरीचोरी हो

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